मुख्यमंत्री गहलोत के इशारे पर हो रहा पंचायत राज व्यवस्था को नष्ट करने का काम: राठौड़

पीडी खातों की बाध्यता लागू करने का जताया विरोध

चूरू (पीयूष शर्मा). जिला मुख्यालय पर गुरुवार को विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर पीडी खातों की बाध्यता लागू किए जाने को लेकर जमकर आरोप लगाए।

राठौड़ ने कहा कि राज्य में 4000 से अधिक ग्राम पंचायतों के सरपंच राज सरकार के विरुद्ध ज्ञापन के माध्यम से विरोध कर रहे हैं। सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं का वैधानिक लोकतांत्रिक अधिकार छीनने का काम किया है। इसके खिलाफ सरपंच विरोध पर उतर गए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने देश में पंचायत राज व्यवस्था का आगाज राजस्थान के नागौर जिले के गांव बागादरी से किया था। आज उन्हीं पंचायत राज व्यवस्था को नष्ट करने का काम अपने आप को गांधी और नेहरू की विरासत का पुरोधा समझने वाले मुख्यमंत्री के इशारे पर हो रहा है। इसकी बुनियाद उस समय गिर गई थी, जब तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के पास पंचायती राज मंत्रालय था। उस समय मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि मेरा डेढ़ साल से कोई संवाद नहीं था। 73 वें संविधान संशोधन ने ग्राम पंचायतों को व्यापक अधिकार दिए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत ने पंचायत एक्ट 1994 में बनाया था। इसके मुताबिक वित्त आयोग की सिफारिश से मिलने वाली राशि पंचायत राज संस्थाओं को सात दिन में साीधे उनके खातों में जाएगी। इसके विपरीत 23 दिसंबर 2020 व 8 जनवरी 2021 को पूरा पैसा पीडी खाते में डालने की बाध्यता लागू करने का काम किया है। अब सारा पैसा ट्रेजरी के माध्यम से जारी होने के कारण पंचायत राज व्यवस्था सरकार के हाथों की कठपुतली बनकर रह जाएंगी। इससे पहले सरपंच ग्राम सेवक दोनों के हस्ताक्षर से पैसा विकास कार्यों में काम में लिया जा सकता था। सरकार चाहे तब ट्रेजरी से राशि के भुगतान पर रोक लगा सकती है। आर्थिक आपातकाल की ओर से बढ़ रही राज्य सरकार वेतन व पेंशन चुकाने में काम में लेना चाहती है।

राठौड़ ने कहा की ग्राम पंचायतों में 27000 पंच, सरपंचों को वेतन-मानेदय नहीं मिल रहा है। राजीव गांधी सेवा केंद्रों में तैनात 10,000 सुरक्षा गार्डों को मानदेय नहीं मिल रहा है। पांच महीने से लोगों को वेतन नहीं मिला है। चुने हुए सरपंचों व 50,000 से अधिक पंचों को मानदेय नहीं मिल रहा है। बैठक में प्रधान दीपचंद राहड़, पंस सदस्य हरलाल सहारण, पार्टी के भूतपूर्व जिलाध्यक्ष वासुदेव चावला, बसंत शर्मा, मंडल अध्यक्ष सुरेश सारस्वत व दीनदयाल सैनी, नगर महामंत्री सीपी शर्मा, सुशील लाटा, रवि दाधीच, राजीव शर्मा, निरंजन सैन आदि मौजूद थे।

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