भैंसें को लेकर उपजे विवाद में ग्रामीणों के दो पक्ष हुए आमने-सामने

खेतड़ी (ईश्वर अवाना)। उपखण्ड के चारावास गांव में भैंसें को लेकर चल रहे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। गांव में दो पक्ष आमने-सामने होने से टकराव की स्थिति बन गई है। दोनों ही पक्षों के लोगों ने प्रशासन व पुलिस को ज्ञापन देकर अवगत करवाया है। बुधवार को चारावास के सैंकड़ों ग्रामीण भाजपा नेता इंजीनियर धर्मपाल गुर्जर, सरपंच सुगना देवी के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उसी भैंसे को वापस गांव में नहीं लाने व गांव का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों की ओर से एसडीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि चारावास में ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित कर सार्वजनिक रूप से एक भैंसा छोड़ा था। कुछ समय से भैंसा आक्रामक प्रवृत्ति का हो गया था, जिसने कई पशुओं को घायल कर दिया तथा गांव के लोगों को भी नुकसान पहुंचा रहा था। इसलिए गांव के ग्रामीणों ने एक बैठक कर भैंसें को गांव से बाहर निकालने का निर्णय लिया और सर्वसम्मति से फैसला कर अधिकतम बोली पर उसका बेचान कर दिया।

वहीं कुछ लोग गांव का माहौल बिगाडऩे को लेकर भैंसें को वापस लाना चाहते हैं तथा आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चल रहा है। ग्रामीणों ने गांव के माहौल को शांतिपूर्ण बनाने व भैंसें को वापस गांव में नहीं लाने को लेकर एसडीएम से गुहार लगाई है तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इससे पूर्व गांव के दर्जनभर ग्रामीणों ने दो दिन पूर्व खेतड़ी नगर थाने में उपस्थित होकर सरपंच पुत्र पर भैंसें को बेचने का आरोप लगाते हुए उचित कार्रवाई करने की मांग की थी।

इस संबंध में एसडीएम जय सिंह चौधरी ने बताया कि गांव के लोगों की शिकायत के आधार पर जांच करवाई जा रही है तथा आमजन के हित में जो निर्णय उचित होगा, वही लागू किया जाएगा। इसके अलावा गांव का माहौल खराब करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

इस मौके पर प्रताप सिंह, दुर्गा प्रसाद, प्रदीप जांगिड़, रोहिताश चाहर, विजय सिंह, राम सिंह, उमेद सिंह, महेंद्र सिंह, सुरेश, अमर सिंह, जय सिंह, मनीराम, हेतराम, मंदरूप, ताराचंद, प्रदीप कुमार, ओमप्रकाश, शंकर, महेंद्र, संदीप कुमार, महेश कुमार, सुनील, नरेंद्र, सरिता, सजना, सुनीता, इंदु, सुमित्रा सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।

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