1971 में पाकिस्तान को हराने वाले सैनिकों का नूआं में माला पहनाकर किया स्वागत

मंडावा (रघुवीर जोशी)। नूआं गांव के शहीद इश्तियाक अहमद स्मारक पर बुधवार को विजय दिवस मनाया गया। जनहित एकता समिति के अध्यक्ष जाकिर झुंझुनुवाला के नेतृत्व में 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध मे लड़ाई लडऩे वाले नूआं गांव के सैनिकों को माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर 1971 की लड़ाई लडऩे वाले सूबेदार मेजर मकसूद खान ने कहा कि हम मुनाबाव क्षेत्र में थे बड़ी ही कठिन परिश्रम करते हुए पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। सूबेदार महमूद खान ने कहा कि हम 1971 की जंग में चार्ली कंपनी में रहते हुए 3 किलोमीटर पाकिस्तान के अंदर घुस गये और उनके मोर्चों पर कब्जा कर लिया। इस दौरान हमारे साथी धनूरी निवासी मेजर एमएच खान शहीद हो गए जिनको वीर चक्र से नवाजा गया था। जनहित एकता समिति अध्यक्ष जाकिर झुंझुनुवाला ने बताया कि हमारे गांव नूआ के 25 जवानों ने 1971की लड़ाई लड़ी थी जिनका आज माला पहनाकर स्वागत किया।

उनमे सूबेदार कादर खां, सूबेदार मेजर अबरार अहमद, हवलदार सब्बीर खां, हवलदार मकसूद खान, कैप्टन मुबारिक खान, हवलदार सलेम खान डैडी, सूबेदार मेजर हय्यात खां, सूबेदार रामचन्द्र पूनियां, सूबेदार श्योचंद पूनिया, कैप्टन बिहारी सिंह, सूबेदार बन्ने सिंह धाभाई, हवलदार शौकत खां इन सभी ने 1971 की लड़ाई लड़ी थी। जिनको माला पहनाकर स्वागत करने वालो में कैप्टन जंगशेर खां, इस्तियाक खां फौजी, वार्ड पंच अलीशेर फौजी, सूबेदार जाकिर खां, फौजी मानगिर खां, शाहिल खां, नेकीराम पूनियां, सूबेदार अजहर हुसैन, सूबे. शमसेर खां, सूबे. अनीश खान, सिंकदर भाटी, सोहेल खान, जुनैद जूनि, फरमान मुलर, साकिब भांजा, नदीम सेठी आदि सभी ने भारत माता के जयकारों के नारे लगाते हुए सैनिको का सम्मान किया।

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