तसल्ली से सुनी पत्रकारों की व्यथा ,न्याय दिलाने का दिलाया भरोसा

कोटा (योगेश जोशी)।  पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्वायत्त शासन मंत्री  शांति कुमार धारीवाल से उनके निवास पर भेंट कर पत्रकार सुबोध जैन के विरुद्ध पुलिस द्वारा की गई बर्बरता पूर्ण कार्रवाई के खिलाफ में एक ज्ञापन दिया गया। पत्रकारों ने मंत्री के समक्ष रोष व्यक्त करते हुए स्थानीय पुलिस द्वारा अर्ध रात्रि में उनके घर में घुसकर पत्रकार की पत्नी, पुत्र वधु, बेटी व पोती के साथ किए गए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इस बात पर रोष जाहिर किया कि सुबोध जैन के आईटी इंजीनियर बेटे सौरभ जैन को बिना मतलब शांति भंग में गिरफ्तार करने का क्या औचित्य था? जबकि सुबोध जैन के निवास के बाहर हंगामा कर रहे चंद लोगों के खिलाफ पुलिस ने आज तक ढेला भर भी कार्रवाई नहीं की है। पत्रकारों ने मंत्री को इस बात से भी अवगत कराया कि पत्रकार सुबोध जैन के विरुद्ध ना कोई एफ आई आर दर्ज थी, ना ही पुलिस के पास कोई सर्च वारंट था और ना ही अर्धरात्रि में चोरी छुपे घुसी पुलिस के साथ कोई महिला पुलिस कर्मियों का दल भी नहीं था। बिना मतलब व बिना किसी उचित कारण के पुलिस द्वारा पड़ौसी की छत लांध कर पत्रकार के घर में घुसने और समाज व शहर में पत्रकार जैन की मानहानि करने की हरकत पर पत्रकारों ने मंत्री के समक्ष कड़ी भर्त्सना करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मंत्री  धारीवाल  ने लगभग आधा घंटे से ज्यादा पत्रकारों की पूरी बात को तसल्ली से सुनते हुए पूरे ज्ञापन पर खुलकर चर्चा की और आश्चर्य व्यक्त किया कि आखिर पुलिस ने इतनी बड़ी कार्रवाई कैसे कर डाली। उन्होंने इस मामले में पुलिस अधीक्षक शहर से चर्चा कर पत्रकारों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ पत्रकार प्रद्युमन शर्मा, सुनील माथुर, श्याम रोहिडा, के.एल. जैन, धीरज गुप्ता, जग्गो सिंह धाकड़, कय्यूम अली, अनिल भारद्वाज, जार के प्रदेश अध्यक्ष हरि बल्लभ मेघवाल, मनोहर पारीक और स्वयं सुबोध जैन शामिल थे।
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