शौर्य चक्र शहीद महेश मीणा की मूर्ति अनावरण कल

रींगस (विद्याधर शर्मा)। कस्बे के निकटवर्ती ग्राम लापुवा में शौर्य चक्र शहीद महेश मीणा की मूर्ति का अनावरण गुरूवार को राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के मुख्य अतिथित्य में किया जाएगा। मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के दौरान काग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, सैनिक कल्याण मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास अति विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राधा देवी सरपंच व सुमित्रा चौधरी पूर्व सरपंच होगी।

विशिष्ट अतिथियों में विक्रम सहगल आईजीपी सीआरपीएफ , भंवर लाल मीणा बीएसएफ डीआईजी, अविचल चतुर्वेदी जिला कलेक्टर, कुंवर राष्ट्रदीप पुलिस अधीक्षक, योगेश मीणा सीआईएसएफ कमांडेंट, महादेव सिंह खंडेला विधायक व पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री, वीरेंद्र सिंह विधायक दांतारामगढ़, मुकेश भाकर विधायक लाडनूं, राम नारायण मीणा पीपलदा विधायक व पूर्व सांसद सुभाष महरिया, पूर्व सैनिक कल्याण राज्यमंत्री प्रेम सिंह बाजोर, बंशीधर बाजिया पूर्व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री, कैप्टन जयनारायण मीणा पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष, केसी घुमरिया पूर्व कमिश्नर सहित अनेक अतिथि कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

इस दौरान विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन भी होगा और रींगस से लेकर लापुवा तक तिरंगा यात्रा का भी आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है कि शहीद महेश मीणा 5 जनवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा के त्राल अरिपाल में डिप्टी कमांडेंट एम शर्मा के नेतृत्व में 180 सीआरपीएफ बटालियन कमांडो की एक टुकड़ी, एसओजी टीम एवं एक 42 राष्ट्रीय राइफल की टीम के साथ एक मकान में जैश-ए-मोहम्मद आतंकी अपनी टीम के साथ छिपे होने की सूचना मिली थी जैसे ही डिप्टी कमांडेंट की टीम वहां पहुंची तभी मकान से गोलियों की बौछार शुरू हो गई।

सुरक्षा में तैनात महेश मीणा के साहसिक और अद्मय साहस व मानसिक एकाग्रता का परिचय देते हुए जिधर से गोलियां की चल रही थी उन्होंने अपनी टीम के सदस्यों को चेतावनी दी और निडरता से आतंकवादियों के सामने आगे बढ़ते हुए लड़ाई लड़ी और दो आतंकवादियों को मार गिराया एवं टीम के अन्य सदस्यों को हताहत होने से बचाया तभी एक आतंकी भागकर मकान की छत पर से गोलियां बरसाने लगा।इस भयंकर संघर्ष में महेश मीणा की छाती गर्दन और दाहिने कंधे पर गोलियां लगने से जख्मी हो गए। उनका खून लगातार बह रहा था इन सब की परवाह किए बिना बहादुर निर्भरता से रण कौशल की कला का अद्भुत परिचय दिया उनको 92 बेस हॉस्पिटल श्रीनगर में भर्ती करवाया गया ।

उसमें जीवन और मौत का संघर्ष करते हुए 14 जनवरी को वीरगति प्राप्त हुए इस अद्मय साहस एवं वीरता के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में भव्य समारोह आयोजित कर 28 जनवरी 2020 को मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान कर अलंकृत किया।

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