संबंधित संस्था ही छात्रावास संचालित करने पर ही मिलेगी हॉस्टल फीस की छात्रवृत्ति

चूरू (पीयूष शर्मा). छात्रावास में रह कर अध्ययन कर रहे अल्प संख्यक छात्रों को हॉस्टल फीस छात्रवृति तब ही मिलेगी, जब संबंधित संस्था ही उनके छात्रावास का संचालन करेगी।

जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी मो. नियाज खान ने बताया कि नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर अल्पसंख्यक पोस्ट मैट्रिक व मेरिट कम मींस छात्रवृत्ति के लिए किए जाने वाले ऑनलाइन आवेदनों के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिले के समस्त संस्था नोडल को संस्थाप्रधान की ओर से भी रिवेरीफाई किया जाना है कि हॉस्टल संस्था की ओर से बनाया गया है। नोडल नियमित कर्मचारी व अधिकारी है। संस्था प्रधान सुनिश्चित करें कि छात्रवृत्ति के आवेदनों व संबंधित दस्तावेजों का सत्रवार व कक्षावार का रिकॉर्ड न्यूनतम पांच वर्ष तक संधारित किया जाए। निरीक्षण के समय यह रिकॉर्ड प्रस्तुत करें। संस्था नोडल छात्रवृत्ति आवेदनों व छात्रवृत्ति आवेदक की सत्यापित सूची को भौतिक रूप से प्रमाणित किया जाए।

बदलते रहें पासवर्ड, साझा ना करें ओटीपी

प्रमाणित सूची लेवल सेकेंड पर सत्यापन के लिए जिला नोडल अधिकारी को भेजें। संस्था नोडल अधिकारी अपनी यूजर आईडी के पासवर्ड बदलते रहें व मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी किसी से साझा ना करें। संस्थान नोडल 12वीं तक के आवेदनों में हॉस्टल फीस तभी सत्यापित की जाए, जब हॉस्टल संस्था की ओर से संचालित किया जा रहा हो।

नोटिस बोर्ड पर चस्पा करें लाभान्वितों की सूची

संस्थाप्रधान व नोडल को छात्रवृत्ति के लाभान्वितों की संख्या तथा राशि की अंतिम सूची संस्था के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करनी होगी। संस्था की ओर से सत्यापित आवेदनों में से एक भी आवेदन फेक मिला तो संस्था की ओर से प्राप्त सभी आवेदनों का रिवेरीफेशन होने तक उन्हें रोका जाएगा। संस्थाप्रधान को खुद प्रमाण पत्र देना होगा कि उनके द्वारा सत्यापित आवेदन सही है। इसके अभाव में आवेदनों का री वेरिफिकेशन जिलास्तर से नहीं किया जाएगा। इसके लिए संस्थाप्रधान स्वयं जिम्मेदार होंगे।

मोहम्मद नियाज खान, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
चूरू

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