नगर परिषद की कार्यशैली से आमजन ही नहीं मैं भी शर्मिंदा हूं : सभापति नगमा बानो

सभापति नगमा बानो ने गारंटी तय कर डाली अधिकारियों की

झुंझुनू (जय जांगिड़)। शनिवार को झुंझुनू शहरी सरकार की सभापति नगमा बानो नगर परिषद की कार्यशैली पर जमकर गर्जी और साफ  शब्दों में कहा आमजन तो क्या नगर परिषद की कार्यशैली से मैं स्वयं भी शर्मिंदा हूं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा शहरी बेरोजगार युवकों को भी मनरेगा की तर्ज पर इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना से शहरी बेराजगारों को जोड़ने की जिसकी रूपरेखा तय करते हुए आमजन की भागीदारी सुनिश्चित हो कि पालना में शनिवार को आयुक्त नगर परिषद शैलेश खैरवा द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया बैठक की सूचना मनोनीत और चुने हुए पार्षदों को व्हाट्सएप मैसेज द्वारा ग्रुप में दी गयी। जिससे कुछ पार्षद काफी नाराज दिखे वहीं कुछ पार्षद ठीक 11 बजे नगर परिषद पहुंच गए लेकिन बैठक आमंत्रित करने वाले आयुक्त शैलेष खैरवा खुद रहे नदारद।

तकरीबन आधा घंटे तक जनप्रतिनिधि इंतजार करते रहे तत्पश्चात पार्षद बैठक का बहिष्कार कर रवाना हुए। ज्ञात रहे झुंझुनू नगर परिषद आयुक्त शैलेष खैरवा महाराष्ट्र के मंत्री का झुंझुनू आगमन पर प्रोटोकॉल के तहत हवाई पट्टी पर मौजूद थे जिस वजह से निर्धारित समय पर बैठक में नहीं आ सके।

आयुक्त खैरवा 11:40 बजे नगर परिषद में इंदिरा गांधी शहरी गारंटी योजना की विस्तृत जानकारी देने हेतु उपस्थित हुए तब महज चार पांच ही पार्षद सभागार में उपस्थित थे। कुछ पार्षदों को फोन पर इत्तला दी गई जिससे बैठक के दौरान दो मनोनीत पार्षदों सहित कुल 13 पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में जैसे ही उपस्थित पार्षदों में इंदिरा गांधी शहरी गारंटी योजना के बारे में पूछताछ की तो आयुक्त इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दे पाए ना तो आयुक्त मनरेगा की तर्ज पर श्रमिकों को कितने घंटे काम करना पड़ेगा क्या रहेगा समय की जानकारी देने में मातहतों से जानकारी लेते नजर आए, वहीं पार्षदों द्वारा शहरी रोजगार गारंटी योजना पर कम और शहर की दुर्दशा पर ज्यादा चर्चा की गई। जिसमें मुख्य रुप से वार्डों में साफ -सफाई एवं खराब लाइटों का मुद्दा छाया रहा।

सभापति कक्ष में पार्षद एवं पार्षद प्रतिनिधियों ने नगमा बानो सभापति को शहर की सफाई व्यवस्था पर जमकर आक्रोश दिखाते हुए नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाए वहीं सभापति नगमा बानो पहली दफा नगर परिषद सभागार में नगर परिषद के कर्मचारियों अधिकारियों पर बेखौफ  गरजते कर्तव्य निष्ठा से कार्य करने की नसीहत देते हुए चेतावनी भरे लफ्जों में कहा काम करो और काम की मॉनिटरिंग करो वरना यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान ही आयुक्त शैलेष खैरवा द्वारा मुख्य स्वच्छता निरीक्षक राजीव जानू को फोन कर बुला कर भविष्य में साफ -सफाई व्यवस्था संभालने के निर्देश देते हुए कोताही न बरतने की हिदायत दी। बैठक में  सहायक अभियंता रणजीत सिंह गोदारा को भी सभापति नगमा बानो एवं आयुक्त द्वारा लाइट व्यवस्था दुरुस्तीकरण जिम्मेदारी से करने एवं खराब लाइटों को बदलवाने एवं ढीले तारों की वजह से खराब लाइटों को ठीक करवाने हेतु निर्देशित किया गया।

पहली सभापति जिसका पार्षदों व आमजन से सीधा संपर्क
सभापति नगमा बानो ने उपस्थित पार्षदों से कहा पहली सभापति हूं जिससे आमजन और पार्षद सीधे संपर्क कर सकते हैं किसी भी समस्या को लेकर और समस्या का तुरंत समाधान ही प्राथमिकता है इससे पहले कभी ऐसा कोई सभापति नहीं रहा जो सीधे जनता से और पार्षदों की समस्याओं को त्वरित गति से समाधान करता हो, इस सीट पर बैठने के बाद किसी ने नहीं बोला समस्या हो तो सीधे मुझे फोन करें, जिस पर एक स्वर में उपस्थित पार्षदों ने मेज थपथपा कर समर्थन किया।

जनता के कार्य नहीं किए तो कोई सिफारिश, डिजायर काम नहीं आएगी
बैठक के दौरान नगर सभापति नगमा बानो परिषद के कर्मचारियों अधिकारियों से इतनी नाराज नजर आई कि उन्होंने मौके पर लताड़ लगाते हुए कहा कि जनता के काम करो काम नहीं होने का बहाना मत बनाओ वरना किसी की भी डिजायर, सिफारिश ले आना कुछ काम नहीं आएगी मेरे कार्यकाल में पारदर्शिता से जनता के कार्य करने होंगे किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।

सभापति पद की गरिमा समझती हूं
उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों सहित पार्षदों को संबोधित करते हुए सभापति नगमा बानो कहा कि मुझे छोटी उम्र की समझकर यह न समझें कि मुझे ज्ञान नहीं है और मैं अच्छी तरह से समझती हूं सभापति का पद बड़ा है और उसकी गरिमा भी समझती हूं इसलिए अधिकारी कर्मचारी अपनी कार्य शैली में बदलाव कर जनता को राहत दें। बैठक देरी से शुरू होने की वजह पर सभापति नगमा बानो ने कहा कुछ पार्षद बैठक निर्धारित समय पर शुरू ना होने की वजह से चले गए जिसका मुझे खेद है। वहीं उन्होंने आयुक्त की ओर इशारा करते हुए कहा कि माफी मांगनी चाहिए थी लेकिन मैं पद की गरिमा को समझती हूं इसलिए माफी मांगती हूं और पार्षदों से इंदिरा गांधी शहरी गारंटी योजना में सहयोग करें अधिकाधिक लोगों को इस योजना से जोड़कर लाभान्वित करें।

मातहतों की मॉनिटरिंग करें अधिकारी
वार्ड 30 के पार्षद अजमत अली एवं पार्षद प्रतिनिधि मनफूल बिजारणिया द्वारा शहर के वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की गड़बड़ व्यवस्था एवं चरमराई सफाई व्यवस्था पर सभापति नगमा बानो का ध्यान आकर्षित करवाते हुए बताया कि अधिकांश लाइटें ढीले तारों की वजह से खराब हैं और वार्डों में अंधेरा छाया रहता है, जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहते हैं जिस पर वार्ड पार्षदों की भी सुनवाई नहीं होती।  जिस पर सभापति नगमा बानो एवं नगर परिषद आयुक्त शैलेष खैरवा ने नगर परिषद के अधिकारी कर्मचारियों को नीचे से ऊपर तक मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। पार्षद प्रतिनिधि मनफूल बिजारणिया ने सुझाव दिया कि नगर परिषद द्वारा नियुक्त ठेकेदारों को पेमेंट तो किया जा रहा है लेकिन काम नहीं हो रहा है जिस पर सभापति नगमा बानो ने स्पष्ट रूप से कहा कि आज से बिना पार्षद की अनुशंसा के किसी भी ठेकेदार को पेमेंट नहीं किया जाएगा। नगर पार्षद अपने वार्ड की समस्याओं निस्तारण होने के बाद ही अनुशंसा करें तभी उन्हें पेमेंट वहां कराया जाएगा साथ ही कर्मचारियों को हिदायत दी कि सहायक स्वच्छता अधिकारी की मॉनिटरिंग स्वच्छता अधिकारी करें, वहीं मुख्य स्वच्छता अधिकारी राजीव जानू नगर परिषद में सभापति, आयुक्त की तरह उपस्थित रहें और तमाम शहरवासियों की शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से करें।

गोलमोल जवाब नहीं चलेगा, काम चाहिए
शहर के वार्डो में स्ट्रीट लाइटों के बंद रहने की शिकायतों पर सभापति नगमा बानो ने बैठक के दौरान गरजते हुए कहा मैं खुद शर्मिंदा हूं खुद मेरे पास इतने लोगों के फोन आते हैं लाइट खराब होने के, ऐसे में अधिकारी गोलमोल जवाब देने लगे तो सभापति ने साफ  शब्दों में कहा गोलमोल जवाब से काम नहीं चलेगा मुझे जनता के काम चाहिए, किसी प्रकार की कमी हो वह पूर्ति नगर परिषद द्वारा की जाएगी। जिस पर  सहायक अभियंता रणजीत सिंह गोदारा बगले झांकने लगे वहीं पार्षदों ने भी वार्डों में नगर परिषद की भेदभाव नीति पर भी प्रहार किया जिस पर सभापति नगमा बानो ने कहा बिना किसी भेदभाव के सभी वार्डों में पर्याप्त रोशनी का इंतजाम किया जाएगा।

शहर होगा साफ  सुथरा और रोशनी से जगमग
शनिवार को जिस  अंदाज में नगर सभापति नगमा बानो ने इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना की बैठक में अपने ससुर मनोनीत पार्षद तैय्यब अली के बैठक से जाने के बाद जिस प्रकार अधिकारियों पर गरजते हुए खरी-खोटी सुनाई और निर्देशित किया अगर वह अपनी जुबां पर कायम रहती है तो वह दिन दूर नहीं जब झुंझुनू शहर साफ -सफाई में अव्वल होगा और रोशनी से जगमग नजर आएगा। जिसकी नगर परिषद झुंझुनू में भ्रष्टाचार के चलते उम्मीद कम ही की जा सकती है क्योंकि पिछले काफी समय से  नगर परिषद में भ्रष्टाचार का बोलबाला है वहीं  भाई-भतीजावाद भी जमकर है, सभापति नगमा बानो द्वारा आज अपनाए गए एक्शन से जरूर एक आशा की किरण नजर आ रही है वह कब उजाला करेगी यह झुंझुनू की जनता को इंतजार है।

बैठक में भाजपा पार्षद रहे नदारद
शहरी बेरोजगारों को जोडऩे की योजना इंदिरा गांधी रोजगार गारंटी योजना के प्रारूप पर बैठक में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा का कोई भी पार्षद उपस्थित नहीं रहा। भाजपा पार्षदों के अनुपस्थित रहने की वजह जानने के लिए जब जिला भाजपा प्रवक्ता कमल कांत शर्मा को फोन किया गया तो उन्होंने फोन तक रिसीव नहीं किया जबकि शहर में अवैध निर्माणों के नाम पर भाजपा पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि यदा-कदा आवाज उठाते हैं और फिर अगले ही दिन शांत हो जाना आमजन से भाजपा की दूरी का संकेत भाजपा के लिए कब्र खोदने समान है।

आयुक्त से उलझा कैंसर पीड़ित पार्षद ने किया बचाव
पिछले डेढ़ साल से राजस्व नुकसान और अवैध निर्माणों के खिलाफ  प्रशासन को आगाह करने वाले कैंसर पीड़ित देवेंद्र कुमार बैठक खत्म होने के बाद आयुक्त शैलेष खैरवा के चेंबर में चले गए और उनसे अवैध निर्माणों को सीज करने की बात पर उलझ गए। जिस पर प्राप्त जानकारी के अनुसार ना तो आयुक्त खैरवा को कैंसर पीड़ित की बात समझ आ रही थी और ना ही कैंसर पीड़ित अपनी बात स्पष्ट रूप से कह पा रहा था लेकिन उलझने की स्थिति देखते हुए वहां मौजूद पार्षद ने बीच बचाव करते हुए समझाइश कर कैंसर पीड़ित को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए चेंबर से बाहर भेजा।

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