निगम से कोई नहीं आया मवेशी पकड़ने, जनता ने संभाली कमान

कोटा ( योगेश जोशी)। आवारा मवेशियों की समस्या से जूझ रहे नगर निगम कोटा दक्षिण के वार्ड 67 में बार बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ तो क्षैत्रीय जनता ने ही मवेशियों को पकड़ने का जिम्मा उठा लिया। वार्ड पार्षद भानु गौड के नेतृत्व में क्षैत्रवासी मवेशियों को पकड़कर खंभे से बांधने लगे। स्थानीय निवासियों ने बताया कि क्षैत्र के कम्पीटीशन काॅलोनी, अम्बेडकर बस्ती, रंगविहार में आवारा मवेशियों का दिनरात जमावड़ा लगा रहता है। सांडों के लड़ने के कारण से कईं बार वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। इससे मौहल्ले में झगड़े की नौबत भी आ जाती है। गलियों में घूमते मवेशियों के कारण से राहगीरों और बच्चों को घर से निकलने में भी डर लगने लगा है। दूध विक्रेताओं के द्वारा दूध निकालकर गायों को सड़क पर छोड़ दिया जाता है। निगम की गाड़ी आती है तो दूध विक्रेता अपने मवेशियों को बांध लेते हैं। जबकि निगम के कर्मचारी भी बिना किसी को पाबंद किए ही चले जाते हैं।

 

वार्ड पार्षद भानु गौड ने बताया कि वार्ड में बड़ी संख्या में जमा मवेशी परेशानी का कारण बने हुए हैं। रात को तो झुंड बनाकर बैठे मवेशियों के बीच से गाड़ी निकालना भी मुश्किल होता है। ऐसे में क्षैत्रीय जनता की समस्या को लेकर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को कईं बार लिखित में अवगत करा दिया। जिसके बावजूद आवारा मवेशियों की समस्या का कोई समधान नहीं हुआ। निगम के कर्मचारी गाड़ी लेकर आते हैं तो औपचारिकता करके चले जाते हैं। ऐसे में, जनता के साथ मिलकर अब इन मवेशियों को पकड़ना शुरू कर दिया है। जिन्हें फिलहाल एक खंभे से बांधा जा रहा है। यदि निगम की ओर से इन्हें नहीं ले जाया जाता है तो जनता इनकी निगम में परेड कराते हुए खुद गौशाला पहुंचाएगी।

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