मोशन के विद्यार्थियों ने फिर एक बार रचा इतिहास

कोटा (योगेश जोशी)।  देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा इस वर्ष कठिनतम परीक्षा भी साबित हुई। आईआईटी खड़गपुर द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए परिणामों ने ये स्पष्ट कर दिया। परिणामों का विश्लेषण करने पर सामने आया है कि इस बार पेपर कठिन होने के कारण ही कटऑफ बहुत कम रही।

मोशन एजुकेशन के निदेशक और आईआईटीयन नितिन विजय ने बताया की मोशन के छात्रों ने फिर एक बार नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए जेईई एडवांस्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर नए आयाम दिए। छात्र गुरअमरित सिंह ने आल इंडिया रैंक 26 प्राप्त की है, रुद्रांश ने आल इंडिया रैंक 32, हर्ष पुनिआ ने आल इंडिया रैंक 61, तेजस कुमार ने आल इंडिया रैंक 88 और रजत गोलेच्छा ने आल इंडिया रैंक 100 प्राप्त कर मोशन को गौरवान्वित किया। उन्होंने आगे कहा की सिर्फ टॉप 100 रैंक्स लाना ही एक अच्छे इंस्टिट्यूट का उद्देश्य नहीं होना चाहिए बल्कि ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों का सिलेक्शन होना चाहिए।

आल इंडिया रैंक 26 प्राप्त करने वाले छात्र गुरअमरित सिंह का कहना है कि मैंने जेईई एडवांस्ड के विशेष टॉपिक्स पर ज़्यादा फोकस किया । जेईई एडवांस्ड कि तैयारी में मुझे मोशन कि एक्सपर्ट फैकल्टीज व स्टडी मटेरियल से काफी मदद मिली। उसने कहा कि मोशन और यहाँ के शिक्षकों के प्रति जो उसकी भावनाएं हैं उन्हें उसके लिए शब्दों में कह पाना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है। वे कहते है कि मोशन के ऑफलाइन लेक्टर्स से उन्हें बहुत सहायता मिली और इस सफलता का श्रेय अपने अभिभावकों को, एनवी सर, आर आर डी सर, वी जे सर और एन एस सर को देते हुए धन्यवाद दिया।

आल इंडिया रैंक 32 पाने वाले छात्र रुद्रांश ने अपनी सफलता का श्रेय मोशन को देते हुए कहा कि मोशन द्वारा दिए गए स्टडी मेटेरिअल और फैकल्टीज के मार्गदर्शन के कारण ही उन्हें सफलता प्राप्त हुई है।

आल इंडिया रैंक 61 हासिल करने वाले हर्ष पुनिआ कहते हैं कि मोशन कि ऑफलाइन क्लासेज, स्टडी मेटेरिअल, रेगुलर टेस्ट सीरीज और फैकल्टीज द्वारा मोटिवेशन ही उनकी सफलता का कारण है। मोशन कि सभी फैकल्टीज को धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि इन के बिना यह रैंक पाना मुश्किल था।

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