विधायक से मिल किया विधानसभा में प्रश्न पूछने का निवेदन

समायोजित शिक्षाकर्मी मिले विधायक राठौड़ से

चूरू (पीयूष शर्मा). राजस्थान समायोजित शिक्षाकर्मी संघ से जुड़े शिक्षाकर्मियों ने बुधवार को विधायक राजेंद्र राठौड़ से उनके निवास पर मिलकर अपनी लंबित मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

संघ के प्रदेश संयोजक अजय पंवार ने विधायक राठौड़ को अवगत करवाया कि उच्च न्यायालय जोधपुर खंडपीठ की ओर से एक फरवरी 2018 व उच्चतम न्यायालय की ओर से समायोजित शिक्षाकर्मी संघ के पक्ष में 13 सितंबर 2018 को फैसला दिया गया था। फैसले में न्यायालय ने समायोजित शिक्षाकर्मियों को 2004 से पूर्व का नियुक्त मानते हुए उन्हें पुरानी पेंशन (पेंशन नियम 1996) देने के आदेश दिए थे। मगर अपने कार्यकाल का दो वर्ष का समय बीतने के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक उच्चतम न्यायालय के आदेश की अनुपालना नहीं की है।

चूरू जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राठौड़ ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने विधायक राठौड़ से विधानसभा में उच्च न्यायालय जोधपुर खंडपीठ के फैसले को लागू नहीं करने के संबंध में सरकार से प्रश्न पूछने का निवेदन किया। अजय पंवार ने बताया कि उच्चतम न्यायालय का फैसला नहीं मानकर राजस्थान सरकार न्यायालय की अवमानना कर रही है। समायोजित शिक्षाकर्मियों को पुरानी पेंशन (पेंशन नियम 1996) लागू नहीं कर उनकी सामाजिक सुरक्षा तथा अपने घोषणा पत्र में लिखे गए लंबित न्यायालयिक प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की अवहेलना कर रही है।

सरकार का ध्यानाकर्षित करवाने के लिए समायोजित शिक्षाकर्मी कलक्ट्रेट पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना व उपवास कर चुके हैं। कलक्टर के जरिए मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, तकनीकी शिक्षा मंत्री व संस्कृत शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा जा चुका है। सरकार ने न्यायालय का फैसला लागू नहीं किया तो आगामी 30 जनवरी 2021 से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के गृह जिले सीकर में क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा।

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