राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता में मीडिया का अहम किरदार : सूद

झुंझुनू (जय जांगिड़)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार झुंझुनू न्यायक्षेत्र में मार्च 2022 में वर्ष की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जावेगा। इस राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए ऑनलाईन व ऑफलाईन दोनो माध्यमों से किया जावेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झुंझुनूं की सचिव दीक्षा सूद द्वारा मीडियागण के साथ मीटिंग ली गयी तथा मीटिंग में सभी मीडियाकर्मी को संबोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता में मीडिया का एक बड़ा अहम किरदार है। मीडिया की पहुंच आमजन में अखबार, टीवी व मोबाईल सभी माध्यमों से है जिससे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जुडक़र आमजन को विधिक सहायता के प्रत्येक आयामों से रूबरू करवा सकता है। इसके आगे सूद ने बताया कि झुंझुनू न्यायक्षेत्र में राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने हेतु न्यायिक अधिकारियों की बैंचों का गठन किया जायेगा जो कि प्रकरणों को सुनकर फैसले करेंगी। लोक अदालत को सफल बनाने हेतु न्यायालयों से अधिक से अधिक प्रकरण रैफर करने व निस्तारण करने हेतु आह्वान किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रि-लिटिगेशन में एनआई एक्ट के प्रकरण, धन वसूली के प्रकरण, श्रम विवाद एवं नियोजन संबंधी विवादों के प्रकरण, बिजली, पानी व अन्य भुगतान से संबंधित प्रकरण, भरण-पोषण से संबंधित प्रकरण इसके अतिरिक्त न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में दाण्डिक शमनीय प्रकरण, एनआई एक्ट के प्रकरण, धन वसूली के प्रकरण, एमएसीटी के प्रकरण, श्रम एवं नियोजन संबंधी विवादों के प्रकरण, बिजली, पानी एवं अन्य बिल भुगतान से संबंधित प्रकरण, वैवाहिक विवाद (तलाक के मामलों को छोडक़र), भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रकरण, तथा अन्य सिविल प्रकरणों को राजीनामे से निस्तारण हेतु पेश किया जा सकेगा। चिह्नित प्रकरणों में लोक अदालत से पूर्व ऑनलाईन प्री-काउंसलिंग भी करवाई जाएगी। सूद ने बताया कि बैंक व वित्तीय संस्थाएं ऐसे प्रकरणों प्री-लिटिगेशन स्तर पर दर्ज करवाना चाहते हैं, तो उनकी सूची समय रहते जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या तालुका स्तर पर विधिक सेवा समितियों में प्रस्तुत कर सकेंगे, जिससे नोटिस जारी कर अविलम्ब निस्तारण के लिए प्रभावी कार्रवाई हो सके। अगर लोक अदालत में प्रकरण निस्तारित हो जाता है तो प्रकरण का अंतिम रूप से निस्तारण हो जायेगा तथा न्यायालय में जमा करवायी गयी फीस भी वापिस मिलेगी। सूद ने कहा कि सभी से अपील की जाती है कि जिनके भी प्रकरण उक्त विषयों से संबंधित लंबित है तो वे लोक अदालत की भावना से उक्त प्रकरण में समझाईश के माध्यम से निस्तारित करवा सकते है ताकि न्यायालयों में चलने वाली कार्यवाहियों से बचा जा सके।

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