जाको राखे साईयां, मार सके ना कोय सड़क हादसे में दम्पत्ति के हो गये चिथड़े-चिथड़े 3 वर्षीय बालक का बाल भी बांका नहीं हुआ

खाजूवाला (हिंद ब्यूरो)। जाको राखे साईयां, मार सके ना कोय, ये कहावत अक्सर सुनते हैं जब भगवान किसी को बचाना जाये तो दूनियां की कोई ताकत नहीं मार सकती, ऐसा ही उदाहरण रविवार को खाजूवाला में देखने को मिला। मोटरसाईकिल पर सवार होकर जा रहे 25 वर्षीय छैलूराम और उसकी 22 वर्षीय पत्नि कालू के साथ उनका 3 वर्षीय पुत्र रामचन्द्र भी था लेकिन उसे क्या पता था कि आज के बाद उसके माता-पिता इस दूनियां से अलविदा हो रहे हैं। खाजूवाला से अपने घर फलांवाली जा रहे दम्पत्ति के लिए ट्रोला चालक काल बनकर आया और दम्पत्ति को हमेशा के लिए मिटा गया। ईश्वर की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता, ये बात बिल्कुल सही है लेकिन जिसको भगवान बचाना चाहता है तो उसे दूनियां की कोई ताकत नहीं मिटा सकती। 3 वर्षीय रामचन्द्र के पिता छैलूराम और माता कालू हमेशा के लिए दूनियां छोड़े कर चले गये लेकिन बच्चे के खरोंच भी नहीं आई, इससे ही कहते है कि जाको राखे साईयां, मार सके ना कोय। रविवार की सड़क दुर्घटना को लेकर पूरी मण्डी में चर्चा है और प्रत्येक व्यक्ति मासूम बच्चे की बात करता नजर आया। भगवान जो करता है, उसके आगे किसी का जोर नहीं चलता।

खाजूवाला से दंतौर रोड़ पर ट्रोला और मोटरसाईकिल की भीषण टक्कर से मोटरसाईकिल सवार दम्पत्ति के चिथड़े उड़ गये लेकिन बच्चे की जान बच गई। घटना घटित होते ही ट्रॉला चालक फरार हो गया। पुलिस को सूचना मिलते थानाधिकारी मय जाप्ता मौके पर पहुंचे तथा मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया। शिनाख्त होने के बाद परिजन आये और बच्चे को पुलिस ने उनके सुपुर्द कर दिया। रविवार का दिन फलांवाली निवासी छैलूराम और उसकी पत्नि कालू के लिए काल बन कर आया और हमेशा के लिए उन्हें गहरी नींद में सुला गया। खाजूवाल से राशन का सामान लेकर रविवार सायं लगभग 5 बजे अपने घर जा रहे छैलूराम पुत्र रतनाराम तथा उसकी पत्नि कालू निवासी फलांवाली का दंतौर रोड़ पंचायत समिति के पास सड़क दुर्घटना में निधन हो गया है। किस कदर हाल होगा, ये शायद किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा। दंतौर साईड से आ रहे ट्रोला से मोटरसाईकिल की टक्कर इतनी भीषण थी कि दम्पत्ति के चिथड़े उड़ गये और हेलमेट भी दूर जाकर गिरा। सड़क पर शवों के चिथड़े ही चिथड़े हो गये। मृतकों की शिनाख्त करना बहुत कठिन काम हो गया लेकिन सोशल मीडिया पर समाचार वायरल होने पर शिनाख्त हो पाई।

थानाधिकारी रमेश कुमार सर्वटा ने बताया कि शवों को बड़ी मुश्किल से एकत्रित कर मोर्चरी में रखवाया गया। मृतकों का सोमवार को पोस्ट मार्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जायेंगे। थानाधिकारी ने बताया कि घटना घटित होते ही ट्रोला चाक मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार मृतक छैलूराम लगभग 25 वर्ष तथा उसकी पत्नि कालू लगभग 22 वर्ष की थी। दोनों की एक साथ मौत हुई और बच्चे के हल्की खरौंच आई, शायद भगवान का ऐसा ही मंजूर था। हॉस्पीटल में डॉक्टर पूनाराम रोझ ने बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया और बच्चे को व्यस्त रखते हुए चिप्पस खिलाये और खिलौने लाकर दिये लेकिन बीच-बीच में मासूम अपनी मम्मी को पुकारता रहा। थानाधिकारी ने बताया कि महिला कॉस्टेबल द्रोपदी ने बच्चे को अपने पास रखा। लगभग 3 वर्षीय रामचन्द्र का मेडिकल मुआयना करवा कर मृतक के भाई विजयपाल और उसकी पत्नि मसूरी को स्वस्थ हालत में सुपुर्द कर दिया।

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