भारत बंद : धरती पुत्रों ने मानव श्रंखला बनाकर जताया विरोध

सीकर (नंदकिशोर शर्मा)। तीनों काले कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान भारत बंद के तहत संयुक्त किसान मोर्चा सीकर के तत्वावधान में सीकर शांतिपूर्ण बंद रहा। संयुक्त किसान मोर्चा प्रवक्ता बी एल मील ने बताया कि आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर धरती पुत्रों का साथ दिया। जिले के सभी 11 टोल बूथ एवं जिले की मुख्य सड़कों पर प्रात: 9 बजे से लेकर 5 बजे तक वाहनों का चक्का जाम रहा। भगत सिंह सर्किल व जाट बाजार में धरती पुत्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। प्रत्येक वर्ग ने अन्नदाता का साथ देते हुए बंद को सफल बनाया।

सीकर बंद एवं चक्का जाम को सफल बनाने में अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन टिकैत, किसान कांग्रेस, व्यापार संगठन, कांग्रेस सेवादल, अखिल भारतवर्षीय जाट महासभा, एसएफआई, जनवादी नौजवान सभा, जनवादी महिला सभा, टैक्सी यूनियन, सिटी बस यूनियन, ट्रैक्टर यूनियन, ट्रांसपोर्ट यूनियन, भवन निर्माण मजदूर यूनियन, हाथ घड़ी ठेला यूनियन, रोडवेज सीटू यूनियन, शिक्षक संघ शेखावत, डीजे यूनियन, जेसीबी यूनियन सहित 30 से ज्यादा संगठनों ने किसान हित में सीकर बंद रखने में सक्रिय सहयोग दिया। पार्षद पप्पू पहलवान के नेतृत्व में जाट बाजार में किसानों के लिए चाय पानी एवं अन्य व्यवस्था की गई।

चक्का जाम एवं बंद को सफल बनाने में संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक उस्मान खान, पूरणमल सुंडा, अखिल भारतीय किसान सभा उपाध्यक्ष मंगल मंडोता, किशन पारीक, भारतीय किसान यूनियन टिकैत जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह जाखड़, प्रदेश उपाध्यक्ष सदर कासम खिलजी, महासचिव अशोक मील, जिला संगठन सचिव नरेंद्र धायल, सीकर व्यापार संघ जिला अध्यक्ष राधेश्याम पारीक, मदन प्रकाश मावलिया, जिला सीकर व्यापार महासंघ महामंत्री प्रदीप पारीक,  संयुक्त व्यापार महासंघ,  भारतीय किसान यूनियन जिला महासचिव एवं स्टेशन रोड व्यापार संघ अध्यक्ष, जसबीर भूखर, अब्दुल कयूम कुरेशी, रामरतन बगड़िया, पूर्व प्रधान चोखाराम बुरड़क,  भारतीय किसान यूनियन के वेद प्रकाश राय, नरेंद्र खीचड़,  सुभाष फगेड़िया, एडवोकेट रामलाल कुमावत, राकेश मील, सीटू महामंत्री सोहन भामू, अखिल भारतीय किसान सभा के अखिल भारतवर्षीय जाट महासभा जिलाध्यक्ष रतन सिंह पिलानिया, सिटी बस यूनियन जिला अध्यक्ष रामकुमार ओला, पार्षद पप्पू पहलवान, किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र गिठाला, महामंत्री सुनील मारोठिया, शहर अध्यक्ष प्रेमचंद सैनी, एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष सुभाष जाखड़, जिलाध्यक्ष महेश पालीवाल, अविनाश लिढ़ाण, दाऊद खान, बाबूलाल ढाका, संदीप, अजय हर्षवाल, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष बलवीर बाजिया, दिलीप मिश्रा, महेन्द्र खीचड़, सेवादल शहर अध्यक्ष रविकांत तिवाड़ी, पूर्व पार्षद मुकन्द तिवाड़ी, भंवरलाल बिजारणिया, चांदपोल व्यापार संघ के नाथूराम ओला, नवलगढ़ रोड व्यापार संघ अध्यक्ष महेश सुंडा, इंजीनियर हरलाल सिंह सुन्डा, मूलचंद बीरख, जिला व्यापार महासंघ उपाध्यक्ष इकबाल गौड़, एडवोकेट रफीक गौड़, हाथ थड़ी ठेला यूनियन के सद्दाम हुसैन, प्रकाश नायक, मोहम्मद फिरोज, मोहम्मद शब्बीर, मोहम्मद रफीक, भारतीय किसान यूनियन के अजमत अली गौड़, रोहिताश, रामअवतार मील जयन्त खीचड़, बनवारी चौधरी, रामनिरंजन चौधरी, एमआर यूनियन अनिल शर्मा, भूप सिंह नरूका, मनीराम भामू, केंपस फ्रंट के आदिल भाटी, इरशाद व नदीम सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी एवं किसानों ने बंद में मोबाइल टीम के रूप में साथ रहे |

टोल बूथ एवं जिले की मुख्य सड़कों पर रहा चक्का जाम

चक्का जाम में रसीदपुरा टोल पर भगवान सिंह बगड़िया, सत्यजीत भींचर, पूर्ण सिंह शेखावत, लालचंद भूकर, दादिया टोल पर हरि सिंह गढ़वाल, नेमीचंद, जगन सिंह, धर्मपाल पोसानी, सतपाल फगेड़िया, महेंद्र सिंह, सरपंच महावीर सैनी, रामप्रताप मुंड, विक्रम कटराथल, प्रेम झाझड़िया, बृजमोहन दिनारपुरा, महेश रणवां जेरठी व रामकृष्ण जाखड़, सेवद बड़ी टोल पर झाबर सिंह, सुरेश थालोड, चुनाराम फौजी, परमेश्वर सिंह, ताराचंद बिंजासी, दूजोद टोल प्लाजा महावीर मूंडवाडा, बेगाराम कुलहरी, दिलीप मिश्रा, हेमाराम गोठड़ा, धर्मेंद्र गिठाला, पन्नालाल व महावीर अमरपुरा, उदाराम थोरी, अखेपुरा टोल पर सुभाष नेहरा, सुभाष राव, सागर बिजारणियां, रामनारायण चौधरी, महेंद्र लिढाण, सुरेंद्र बिजारणियां, भगवान सहाय जाखड़, महावीर ददरवाल, सुरेंद्र फुलवरिया, अजीतगढ़ टोल पर ओम प्रकाश यादव व पूर्ण सिंह कुड़ी तथा चला टोल पर गोपाल सैनी, बलारा टोल रणजीत मील, पिपराली गांव में ओंकार मल मूंड, रिटायर्ड तहसीलदार रामप्रताप मूंड, सांवरमल मूंड, शीशपाल मूंड, जयप्रकाश पूनियां, मनीष भामू, मनफूल भामू, भारत बागरिया, विकाश मूंड, महावीर मूंड, सेवद बड़ी में चुनाराम फौजी, बनवारी बाजिया, सुरेश थालोड़, सुभाष थालोड़, महेंद्र सिंह टाटनवां, बिहारी सारण, सुरेंद्र पिलानिया, रामचंद्र बूरड़क दुगोली के नेतृत्व में चक्का जाम रहा।

You might also like