निराहार तपस्वीनि जयश्री पारख का अभिनंदन

चूरू (मेघा शर्मा). आचार्य महाश्रमण की शिष्या साध्वी मंगलप्रभा ठाणा- चार के सानिध्य में 11 दिन की निराहार तपस्या करने वाली बहिन जयश्री पारख का अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर कन्या मंडल द्वारा मंगलाचरण के माध्यम से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महिला मंडल एवं कन्या मंडल द्वारा गीतिका प्रस्तुत की गई। साध्वी प्रणवप्रभा ने कहा कि आगम में कहा गया है कि सब इंद्रियों को समाहित करके अपनी आत्मा की रक्षा करनी चाहिए । जिस प्रकार छह काय के जीवों की रक्षा करना दुष्कर बताया है। उसी प्रकार हमारी रसना यानी जिव्हा पर संयम करना बहुत मुश्किल है। साध्वी सुमन कुमारी ने कहा कि जयश्री ने छोटी उम्र में बड़ा काम कर दिखाया है। साध्वी मंगल प्रभा ने कहा कि तप भी एक प्रयोगशाला है। तपस्या के द्वारा आत्मा का तीव्र शोधन होता है। तेरापंथी सभा के अध्यक्ष नवरत्न कोठारी, मंत्री भरत कोठारी, तेरापंथ फाउंडेशन के अध्यक्ष छत्तर सिंह डागा, महिला मंडल अध्यक्ष मुन्नी कोठारी, युवक परिषद मंत्री कमलेश बोथरा ने गीतिका से तपस्विनी बहन का अभिनंदन एवं उसके तप की अनुमोदना की। सुरेंद्र पारख ने अपनी बेटी की तपस्या पर अपने उदगारों की प्रस्तुति दी। साध्वी समप्रभा ने संचालन करते हुए तप के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर तेरापंथी सभा, युवक परिषद, महिला मंडल, कन्या मंडल सहित श्रावक समाज की अच्छी उपस्थिति रही। सभा एवं महिला मंडल द्वारा तपस्विनी बहन को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

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