आगजनी से प्रभावितों को नहीं मिल रही सरकारी सहायता

 

जयपुर (गोविन्द गोपाल सिंह)। प्रदेशभर में 30 वर्ष से भी अधिक समय से एक ही स्थान पर रह रहे घुमंतु अर्ध घुमंतु व विमुक्त जाति की भूमि को इन्हें आवंटन ना करके भू माफियाओं के साथ मिलीभगत कर जयपुर विकास प्राधिकरण सहित अन्य स्थानीय निकाय द्वारा भू माफियाओं को बेचने के लिए नियमों में फेरबदल का आरोप लगाते हुए जयपुर स्थित रावण बस्ती में भू माफियाओं द्वारा लगाई गई आग की शिकायत के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के 20 दिन बाद भी सरकारी मदद नहीं पहुंचने से नाराज प्रदेशभर के हजारों घुमंतु अर्ध घुमंतु व विमुक्त जाति के लोगों ने जयपुर में महापड़ाव डाला। इन लोगों ने शीघ्र ही सरकार द्वारा इस दिशा में ध्यान नहीं दिए जाने पर जयपुर में एक लाख से अधिक घुमंतु, अर्ध घुमंतु व विमुक्त जाति से संबंध रखने वाले नागरिकों के महापड़ाव की चेतावनी दी है। घुमंतू, अर्ध घुमंतू व विमुक्त जाति परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया ने बताया कि गत 1 जून को जयपुर में मानसरोवर मेट्रो डिपो के समीप स्थित रावण मंडी में रहने वाले गरीब लोगों को बेदखल करने की नियत से बस्ती में भू माफियाओं द्वारा आग लगा दी गई। इसके बाद 6 जून को रावण बस्ती में धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें तुरंत प्रभाव से इन्हें पुन:जीवन शुरू करने के लिए तत्काल राहत सहायता सहित अन्य मदद देने की मांग की गई थी लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने उदासीनता अपनाते हुए अभी तक यहां के गरीब नन्हे-मुन्ने बच्चों महिलाओं व बुजुर्गों को खुले बारिश और धूप में आकाश तले बेसहारा पड़े रहने के लिए मजबूर कर रखा है। रतननाथ कालबेलिया सहित उपस्थित अन्य पदाधिकारियों ने जयपुर विकास प्राधिकरण सहित अन्य जिलों के स्थानीय निकायों के भ्रष्ट अधिकारियों पर वह माफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेशभर में जहां भी 30 वर्ष से अधिक समय से इस प्रकार की बस्तियों में घुमंतु, अर्ध घुमंतु व विमुक्त जाति के लोग रह रहे हैं, उन भूमि की कीमत अधिक हो जाने के कारण हम गरीबों की भूमि को हड़पने के लिए प्रशासन के कुछ अधिकारी भू माफियाओं के साथ मिलीभगत पर षड्यंत्र कर रहे हैं। इस षड्यंत्र के खिलाफ जांच करने और इन्हें जहां पर बसे हुए हैं, वहीं पर बसाने के लिए प्रदेश स्तर पर संघर्ष का ऐलान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन में तुरंत कार्यवाही करने की मांग को लेकर जयपुर मेट्रो स्टेशन पर स्थित रावण मंडी में महापड़ाव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर घुमंतु अर्ध घुमंतु अविमुक्त जाति परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रतननाथ कालबेलिया, प्रदेश संगठन मंत्री पूर्ण नाथ सपेरा, प्रदेश महामंत्री लोकेश सपेरा अलवर, प्रदेश महासचिव दिनेश सपेरा भीलवाड़ा, डूंगरपुर जिला अध्यक्ष कांतिलाल कालबेलिया, उदयपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष लक्षनाथ कालबेलिया, भीलवाड़ा जिले के जिला अध्यक्ष रमेश सपेरा, जयपुर महिला शहर अध्यक्ष रोड़ी बाई बागोरिया, बांसवाड़ा जिला अध्यक्ष बहादुर नाथ जोगी, जिला अध्यक्ष रामपाल नाथ बूंदी, भोपा समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजा राम भोपा, बागरिया समाज के प्रदेश अध्यक्ष गीता बागरिया, राणा ढोली समाज के प्रदेश अध्यक्ष ललित राणा, भाट बंजारा समाज के अध्यक्ष सरवन बंजारा, सिकलीगर समाज के अध्यक्ष कमल सिकलीगर, गड़िया लोहार समाज के अध्यक्ष सरवन गड़िया लोहार, कलंदर समाज के प्रदेश अध्यक्ष नूर भाई कलंदर, कंजर समाज के अध्यक्ष मनोज कंजर भीलवाड़ा, मिरासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष भगाराम मिरासी, सांसी समाज के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञान सिंह सांसी, आदि वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में भारी संख्या में घुमंतु ,अर्ध घुमंतु तथा विमुक्त जाति के लोगों ने महापड़ाव में सरकार के खिलाफ संघर्ष का ऐलान किया। वहीं घुमंतु अर्ध घुमंतु व विमुक्त जाति परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रतननाथ कालबेलिया ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए शीघ्र ही इस दिशा में उच्च अधिकारियों की कमेटी गठित कर प्रदेशभर के घुमंतु, अर्ध घुमंतु व विमुक्त जाति के नागरिकों को स्थाई रूप से निवास और इनके बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए शिक्षा की माकूल व्यवस्था एवं सामाजिक व आर्थिक उन्नति के लिए आर्थिक पैकेज देने की मांग की है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो जयपुर मैं लाखों की संख्या में प्रदेशभर के घुमंतु अर्ध घुमंतु व विमुक्त जाति के लोगों के साथ महापड़ाव डालने की घोषणा की गई है। आज महापड़ाव के दौरान पांच लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए पुन: ज्ञापन सौंपा।

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