भारत विकास परिषद माधव शाखा द्वारा निशुल्क नेत्र जांच एवं शल्य चिकित्सा शिविर आयोजित

कोटा (योगेश जोशी) । भारत विकास परिषद माधव शाखा द्वारा संजय नगर स्थित श्री मंशापूर्ण हनुमान मंदिर में पांचवा निशुल्क नेत्र जांच एवं लैंस प्रत्यारोपण शिविर का आयोजन किया गया । भारत विकास परिषद माधव शाखा के अध्यक्ष किशन पाठक ने बताया कि नेत्र चिकित्सा शिविर कार्यक्रम में अतिथि कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक मनोज प्रताप, भारत विकास परिषद सेवा संस्थान के सचिव अशोक वशिष्ठ, एवं प्रांतीय नेत्र शिविर प्रभारी सुरेंद्र मोहन शर्मा रहे, नेत्र जांच एवं शल्य चिकित्सा शिविर माधव शाखा, भारत विकास परिषद चिकित्सालय सेवा संस्थान ,जिला अंधता निवारण समिति, एवं श्री मंशापूर्ण हनुमान मंदिर समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित परिषद कार्यकर्ताओं एवं आमजन को संबोधित करते हुए कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि आज भारत विकास परिषद समर्पण भाव से विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा सेवा कार्य कर रही हैं जिससे लोगों को लाभ पहुंचे । उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद आज संपूर्ण देश भर में विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से आमजन को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है, भारतीय संस्कृति को अग्रणी बनाएं रखने का कार्य भारत विकास परिषद जैसी संस्थाएं कर रही हैं दुखी, पीड़ित एवं बीमार लोगों की सेवा करना सबसे संवेदनशील कार्य है जिसे माधव शाखा जैसी संस्थाएं बखूबी कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद उदार मन से सेवा का भाव रखने वाली संस्था है जो देश में सेवा के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना जगाने का कार्य भी कर रही है जो भारतीय संस्कृति एवं हिंदू संस्कृति को अग्रणी रखने हेतु प्रयत्नशील है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक मनोज प्रताप ने कहा कि अगर हम समर्पण भाव के साथ सेवा कार्य करेंगे तो निश्चित रूप से इसका पुण्य लाभ तो हमें मिलेगा, हम उस गरीब की भावनाओं को समझेंगे जो आज अपना इलाज करा पाने में सक्षम नहीं है तो निश्चित रूप से यह पुण्य कार्य तो है ही और हमें रोगियों द्वारा आशीर्वाद भी मिलता है। भारत विकास परिषद जैसी सामाजिक संस्था जो आमजन एवं समाज के बारे में सोचती है और ऐसे जनउपयोगी कार्यों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा करने का भाव रखती है वह वास्तव में सराहनीय है ।उन्होंने माधव शाखा द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए इसी प्रकार सेवा कार्यों को जारी रखने का आह्वान किया। भारत विकास परिषद के रीजनल मंत्री सेवा एवं चिकित्सालय के सचिव अशोक वशिष्ठ ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत विकास परिषद नेत्र शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में राजस्थान में सबसे अग्रणी संस्थान है एवं रोगियों की सेवा हम निरंतर इसी भाव से आगे भी जारी रखेंगे भारत विकास परिषद के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में नेत्र जांच एवं शल्य चिकित्सा शिविर के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ।

माधव शाखा की अध्यक्ष किशन पाठक ने आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा की माधव शाखा द्वारा यह पांचवा निशुल्क नेत्र जांच एवं शल्य चिकित्सा का शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जिन रोगियों के मोतियाबिंद पाया जाएगा उनका निशुल्क ऑपरेशन भारत विकास परिषद चिकित्सालय में किया जाएगा ।इसमें रोगियों के रहने, उपचार, दवाई, भोजन आदि की निशुल्क व्यवस्था भारत विकास परिषद द्वारा की जाएगी ।उन्होंने बताया कि आज आयोजित शिविर में 148 रोगियों को पंजीकृत कर जांच की गई इनमें से 23 रोगियों को मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु उपयुक्त पाया गया जिनके ऑपरेशन आज ही चिकित्सालय में किए जाएंगे। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा भारत माता, विवेकानंद जी, एवं गुरु जी के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर चिकित्सा शिविर का विधिवत शुभारंभ किया गया । कार्यक्रम का संचालन माधव शाखा के सचिव नरेंद्र गुप्ता द्वारा किया गया । आए हुए सभी अतिथियों का माधव शाखा के पदाधिकारियों एवं मंशापूर्ण हनुमान मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा माला पहनाकर, दुपट्टा उड़ा कर एवं श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया। नेत्र चिकित्सा एवं जांच शिविर में भारत विकास परिषद चिकित्सालय की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ नेहा जैन, सहायक दीपेश शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा रोगियों की जांच की गई। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से क्षेत्रीय पार्षद विवेक मित्तल, माधव शाखा के कोषाध्यक्ष एचपी गर्ग,  वरिष्ठ उपाध्यक्ष केसी गुप्ता, नेत्रदान प्रकल्प प्रभारी चंद्रप्रकाश नागर, उपाध्यक्ष जेपी गुप्ता सुधीर सक्सेना, आरके जैन, मोहनलाल चौरसिया, रमेश गुप्ता, आशीष व्यास, हेमंत सनाढ्य, मंशापूर्ण हनुमान मंदिर समिति के अध्यक्ष तखत सिंह चौहान पंडित जगदीश दीक्षित दीनदयाल शर्मा राम प्रसाद तिवारी प्रह्लाद गुप्ता रतन सिंह घनश्याम शर्मा मदन लाल गोचर आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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