आदिश को आईआईटी बॉम्बे में छात्र व शिक्षक बनने का गौरव मिला

कोटा (योगेश जोशी)। कोरोना महामारी में देश क सभी आईआईटी संस्थानों में ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है, जिसके तहत स्टूडेंट घर से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। कोटा के 19 वर्षीय मेधावी छात्र आदिश जैन  आईआईटी, बॉम्बे में कम्प्यूटर साइंस ब्रांच से पढ़ाई करते हुये प्रथम वर्ष के छात्रों की ऑनलाइन क्लास भी ले रहे हैं। बतौर टीचिंग असिस्टेंट (टीए) वे मार्च एवं अप्रैल में गणित की क्लास ले रहे हैं।  इंद्रविहार निवासी जितेंद्र जैन के बेटे आदिश जैन एलन कॅरिअर इंस्टीट्यूट से कोचिंग लेकर जेईई-एडवांस्ड,2019 में एआईआर-25 के साथ सिटी टॉपर बने थे। उन्होंने बताया कि आईआईटी बॉम्बे में कुछ सप्ताह बाद रैंक महत्व नहीं रखती है। एक बैच में सभी छात्र साथ पढते हैं, लेकिन सेमेस्टर परीक्षा में सीजीपीए-10 अर्जित करने वाले छात्र को टीचिंग असिस्टेंट के रूप में शिक्षक बनने का अवसर भी मिल जाता है। आदिश ने बताया कि आईआईटी में सीनियर स्टूडेंट ही फ्रेशर्स के मेन्टर होते हैं। कैम्पस में वे हर तरह की मदद करते हैं। आईआईटी में मैथ्स व फिजिक्स क्लब के अतिरिक्त म्यूजिक, गेम्स, एक्टिविटी क्लब व कॉम्पिटिशन जैसी एक्स्ट्रा कॅरिकुलम एक्टिविटी बहुत होती हैं।  आईआईटी संस्थानों में अनुभवी प्रोफेसर बीटेक प्रथम वर्ष में सभी ब्रांच की क्लास एक साथ लेते हैं, जिससे एक क्लास में 400 स्टूडेंट रहते हैं। इनमें से 40-40 विद्यार्थियों की नियमित ट्यूटोरियल क्लास टीचिंग असिस्टेंट (टीए) अलग से लेते हैं। वे क्वेश्चन प्रेक्टिस के साथ डाउट साल्यूशन भी करते हैं। आईआईटी बॉम्बे में पढ़ने और पढ़ाने का अवसर एक साथ मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ जाता है।
‘फूड फॉर थाट’ मिलता है आईआईटी में
आदिश ने बताया कि आईआईटी में बोर्ड की तरह सब्जेक्टिव पेपर होते हैं, जिनके पेपर पैटर्न अलग होते हैं। वहां सिर्फ न्यूमेरिकल पर ही फोकस नहीं रहता। चूंकि आईआईटी प्रोफेसर की कंसेप्चुअल नॉलेज बहुत अच्छी होती है, इसलिये सेमेस्टर परीक्षाओं का सिलेबस, प्रश्न व ग्रेडिंग वे ही तय करते हैं।
ब्रांच बदलने का अवसर भी
प्रत्येक आईआईटी संस्थान में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट को प्रथम वर्ष में ब्रांच बदलने का अवसर भी मिलता है। प्रत्येक ब्रांच में 10 प्रतिशत छात्र ब्रांच बदल सकते हैं। इसके लिये उन्हें सीजीपीए के आधार पर मौका मिलता है। इंस्टीट्यूट में मेजर व माइनर कंसेप्ट होने से रूचि के अनुसार पढाई कर सकते हैं। संस्थानों में किसी भी ब्रांच से इंस्टीट्यूट इलेक्टिव के दो कोर्स करना अनिवार्य है।
You might also like