निलगिरी फॉरेस्ट नामक कंपनी ने महिलाओं को पैसा डबल करने का लालच देकर ठगा

खेतड़ी नगर (विपुल पारीक)। थाने में दो महिलाओं ने एक दर्जन लोगों के खिलाफ दो साल में रूपए दुगने करने का मामला दर्ज करवाया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डुमोली खुर्द निवासी सुनिता देवी पत्नी भगतसिंह व मानोता कला निवासी संतोष देवी पत्नी अर्जुनसिंह मेघवाल ने निलगिरी फोरेस्ट चैयरमेन पंचकुला हरियाणा निवासी रोहिताश्व, हिसार निवासी रणवीर, दयानंद सैनी, रविंद्र सैनी, रामनिवासी सैनी, सुभाष सैनी, हरीशपाल नेगी, बिना नेगी, राधा सैनी, रजंनी, फतेहाबाद निवासी राजेंद्र सैनी एवं हांसी निवासी संजय ककड़ के खिलाफ रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में खेतड़ी नगर खरीद-दारी करने आई थी तो गोठड़ा में निल गिरी फोरेस्ट का बोर्ड लगा हुआ था जिस पर लुभावने वादे लिखे हुए थे। सुनिता देवी ने बताया कि बोर्ड देख कर कार्यालय में जाकर पुछताछ की तो उक्त लोगों ने कहा कि हमारी कंपनी सरकार से मिल कर दो साल में रकम को दुगाना करने का कार्य कर रही है, हमारी कंपनी हरीयाणा, पंजाब व राजस्थान में काफी अच्छा काम चल रहा है। आप रकम जमा करवा दो साल में दुगनी मिलेगी। उक्त लोगों के लुभावने झासे में आकर सामान खरीदने के लिए चार हजार रूपए लेकर आए थे उनको 15 जून 1998 को जमा करवा कर चार हजार रूपए की रसीद लेली। रसीद पर 16 जून 1999 को रूपए वापस देने के लिए लिखा था। जब रूपए लेने गए तो उक्त लोग टालम टोल करने लगे और कहा कि 20 साल बाद आप रूपए लोगों तो करीब तीस-चालिस लाख रूपए मिलेगे। इसी प्रकार मानोता कलां कि संतोष देवी ने बताया कि उक्त लोगों के लुभावने वादों के झांसे में आकर 25 मार्च 1999 को दो हजार रूपए जमा करवाएं। कुछ महिनों तक 100-100 व 300-300 रूपए करके करीब दो हजार रूपए और जमा करवाएं नारनौल कार्यालय के नाम की सील लगा कर रसीद दी। सन् 2000 में रूपए लेने गए तो रूपए देने के लिए टालम ओल करने लगे। कुछ दिनों बाद कहा कि 20 साल बाद करीब 20 से 30 लाख मिलेगें। लालच में आ गए। अब गोठड़ा आकर कार्यालय को देखा तो बंद मिला। पुछताछ करने पर पता चला कि निलगिरी फोरेस्ट कार्यालय को बंद हुए काफी समय हो गया। पुलिस ने उक्त लोगों के खिलाफ धोखा धड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

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